क्रांति यात्रा जड़खोर से चलकर आज अपने आखिरी पड़ाव ग्राम पसोपा पहुंची

क्रांति यात्रा जड़खोर से चलकर आज अपने आखिरी पड़ाव ग्राम पसोपा पहुंची

क्रांति यात्रा जड़खोर से चलकर आज अपने आखिरी पड़ाव ग्राम पसोपा पहुंची; आंदोलनकारियों ने ब्रज के पर्वतों की रक्षा के लिए अंतिम लड़ाई की करी घोषणा कल से होगा आमरण अनशन प्रारंभ;11 सदस्यों की करी सूची जारी क्रांति यात्रा को राजेंद्र दास महाराज ने दिया पूर्ण विजयश्री का...
क्रांति यात्रा बरसाना से निकलकर पहुंची जड़खोर – दिन 201

क्रांति यात्रा बरसाना से निकलकर पहुंची जड़खोर – दिन 201

ब्रज के पर्वत आदिबद्री व कनकाचल को खनन मुक्त करने के लिए दिया जा रहा है धरना 201 वे दिन भी जारी रहा जड़खोर में सैकड़ों गांवों की सरदारी ने सरकार के खिलाफ किया अंतिम लड़ाई का ऐलान ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा महाराज ने आंदोलनकारियों को दिया सफलता का मंत्र क्रांति...
क्रांति यात्रा बरसाना पहुँची

क्रांति यात्रा बरसाना पहुँची

आदिबद्री व कनकाचल पर्वत को खनन मुक्त करने हेतु जारी आंदोलन के 200 वे दिन आंदोनकारियों की क्रांति यात्रा बरसाना पहुंचीं राजस्थान के मुख्यमंत्री धृतराष्ट्र ना बने; साधु संतों की पुकार सुन ब्रज के पर्वतों की रक्षा अविलंब करें – साध्वी मधुबनी अगर ब्रज के पर्वत पर...
ब्रज के आदिबद्री एवं कनकांचल पर्वत क्षेत्रों में खनन

ब्रज के आदिबद्री एवं कनकांचल पर्वत क्षेत्रों में खनन

पिछले 200 दिनों से राजस्थान के भरतपुर जिले में डीग तहसील के ग्राम पसोपा में साधू संतों व हज़ारों ग्रामीणों नगर व पहाड़ी तहसील में पड़ रहे आदिबद्री एवं कनकांचल के हिस्से को खनन मुक्त करा वन विभाग में देने के मांग को लेकर धरने पर बैठे | उल्लेखनीय है कि नवम्बर 2009 में साधू...
Holi Saagar

Holi Saagar

आज बिरज में होरी रे रसिया ।। उतते आये कुँवर कन्हैया, इतते राधा गोरी रे रसिया । उड़त गुलाल अबीर कुमकुमा, केशर गागर ढोरी रे रसिया । बाजत ताल मृदंग बांसुरी, और नगारे की जोरी रे रसिया । कृष्णजीवन लच्छीराम के प्रभु सौं, फगुवा लियौ भर झोरी रे रसिया । सजनी भागन ते फागुन आयो,...
Vrishbhanupur Shatakam – Online Book

Vrishbhanupur Shatakam – Online Book

नमामि ब्रजोद्धारकम्   तर्कोऽप्रतिष्ठः श्रुतयो विभिन्ना, नासावृषिर्यस्यमतं न भिन्नम् । धर्मस्य तत्त्वं निहितं गुहायां, महाजनो येन गतः स पन्थाः ॥ (महाजन वन पर्व ३/१३/११७) न श्रुतियों में मतैक्य है, न स्मृतियों में ही । मुनियों के मत में भी ऐक्य कहाँ ? धर्म का तत्व...